Category: Editorial

Financial literacy is a term that no one takes seriously. Every one of us seems to be afraid of the world of money and business. We all do different things to make money to fulfill some dreams and also to save enough for the times when we cannot earn money but will live long.

With modern medicines, the lifespan after retirement seems as long or longer than the period we work for a living. Thanks to this factor plus the withering away of the joint family system, money has taken on a role of high priority in all our lives.

Today’s parents are very concerned and caring about their children. They want to make sure that the children do not go through the pains they went through.

In this process, the umbrella of protection hides the weather from the children.

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Nirma, निरमा

निरमा – हाथी के कान में चींटी निरमा

दमी पहले प्यार या पहले युद्ध में जीत के लिए जाना जाता है। करसनभाई एफ.एम.सी.जी. मार्केट में लीवर को हराने के लिए मशहूर हैं; पर उनकी वास्तविक उपलब्धि है, डिटर्जेंट को निर्धन व मध्यमवर्गीय महिलाओं […]

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Nivea

नीविया – सीप का मोती नीविया

दुनिया के बाजार में एक ब्रांड का स्थापित करना उतना ही कठिन काम है जितना कि मोतीवाली सीप खोजना। नीविया ब्रांड की संघर्ष गाथा सच्चाई को बयाँ करती है। यह ब्रांड बना, खत्म हुआ और […]

जॉनसन ऐंड जॉनसन – मानवता का मान जॉनसन ऐंड जॉनसन

जॉनसन ऐंड जॉनसन सन् 1886 का उत्तरार्ध था। इधर, भारत में कांग्रेस के उदय के साथ स्वतंत्रता आंदोलन ऊर्जावान् होकर नई राह पकड़ रहा था तो उधर अंग्रेज अपनी महारानी विक्टोरिया को बर्मा (अबम्याँमार) बतौर […]

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Google

गूगल – 100 अरब का खोजी नंबर 1 गूगल

सौ अरब डॉलर का ब्रांड पलक झपकते ही इंटरनेट के अथाह सागर से ढेरों जानकारियाँ ढूँढ़ लानेवाला खोजी नंबर ‘गूगल’ अब दुनिया का सबसे बड़ा ब्रांड बन गया है। यह दिग्गज सर्च इंजन 100 अरब […]

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Bournvita

बॉर्नवीटा – तन की शक्ति, मन की शक्ति बॉर्नवीटा

बॉर्नवीटा चॉकलेट के लिए दुनिया की दिग्गज कंपनी कैडबरीज को यदि बच्चों के दाँत खराब करने के लिए कोसा जाता है तो उसे बच्चों को सेहतमंद बनाने का श्रेय भी है। बॉर्नवीटा ड्रिंक के माध्यम […]

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Roots of Reservation and the Future of India

Roots of Reservation and the Future of India

Reservation – that’s what we are about to take a look at, in this brief piece.

But before we continue, I must ask you to do something. I want you to put aside all your preconceived ideas, opinions and thoughts about reservation. Try to be empty for a while, and if you can’t then please avoid reading this piece, because it won’t make difference to you anyways if you read with your mind being filled with garbage.

Now, let’s look at this issue with fresh eyes – and I mean literally, fresh eyes – eyes that are very little biased. I am saying very little biased, because it is neurologically impossible to be completely free from biases. The human brain functions on a daily basis, based on biases. That’s very natural. But you must also keep in mind that, not all biases are healthy, many of them are unhealthy and prejudicial. So, let’s try at the very least, to be less biased.

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सफलता के सिद्धांत : अपने जीवन की 100 प्रतिशत जिम्मेदारी लीजिए

  अब मुझे पता चल रहा है कि मेरे साथ जो कुछ भी होता है, उसे मैं ही बनाता हूँ, बढ़ावा देता हूँ और होने देता हूँ। मेरे साथ हर दिन जो कुछ भी हो […]

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आठवण

आम्ही जेवायला बसलो होतो. संध्याकाळचे एकत्र जेवण. अस्मादिक, बायको व मुलगा एकत्र जेवायला बसले की एकत्र जेवण असे म्हणायचे. आता एकत्र कुटुंब राहिलेले नसले, तरी जेवण एकत्र असते. पुढच्या पिढीत त्यालाही फाटा फुटेल कदाचित. विविधभारतीवर लागलेल्या “मेरी […]

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एमवे

आम को अमीर बनाए एमवे   एमवे यानी ‘अमेरिकन-वे’, एक ऐसी एफएमसीजी-मार्केटिंग कंपनी है जो अपनी रणनीतियों के लिए विख्यात है। आज से ठीक 50 साल पहले जनमी एमवे ने 100 से ज्यादा देशों के […]